2024 लोकसभा चुनाव के लिए मोदी मैजिक के सहारे 300 प्लस सीटें लाने की दावा तेज़ कर दी है
हाल ही में गुजरात चुनाव की जीत से भारतीय जनता पार्टी जहां एक ओर मजबूती से अपने आप को 2024 लोकसभा चुनाव के लिए मोदी मैजिक के सहारे 300 प्लस सीटें लाने की दावा तेज़ कर दी है वहीं दुसरी ओर गुजरात चुनाव की प्रचड् जीत से अस्पष्ट हो चूका है की आगामी लोकसभा चुनाव भी भारतीय जनता पार्टी प्रधान मंत्री श्री नरेन्द्र मोदी के ही नेतृत्व में लड़ने वाली है साथ ही साथ देश भर में मोदी मैजिक और हिंदुत्व के सहारे भारतीय जनता पार्टी सत्ता में तीसरी बार आने की सारी कवायदें तेज़ कर दी है तो वहीं विपक्ष एकता के नाम पे पका रही खिचड़ी की आंच कभी तेज़ तो कभी मध्य करते हुए नजर आ रही है और न ही कुछ अस्पष्ट है की आख़िर कौन होगा विपक्ष का नेता! जिस के दाम पे 2024 लोकसभा चुनाव में विपक्ष मोदी जी को चुनौती देते नज़र आयेगी क्या विपक्ष ऐसी स्थिति में जहां से देश भर में मोदी और शाह के जोड़ी को चुनौती दे पाएगी! क्या विपक्ष में ऐसा कोई नेता है भी जो मोदी और शाह के खिलाफ़ गोलबंद हो कर सारी विपक्ष को एक मंच पे ला कर खड़ी कर दे! क्या किसी एक नाम पर सारी विपक्षी पार्टियों में सहमति हो पायेगी! या फिर 2019 लोकसभा चुनाव की तरह 2024 में विपक्ष अलग अलग खेमों में बट जायेगी देखना दिलचस्प होगा!
अभी तक के मीडिया अटकलों एवं राजनीतिक गतिविधियों से एक बात तो साफ हो चुकी है सारी विपक्षि पार्टियों को एक मंच पे लाना किसी टेढ़ी खीर जैसा है
बंगाल चुनाव में भारतीय जनता पार्टी की तमाम राजनीतिक दाव पिचों के बाद भी ममता बनर्जी ने जिस तरह से मोदी शाह की जोडी को पटखनी दी और त्रिमूल कांग्रेस ने अपनी दम पे बंगाल में सरकार बनाई तो एक समय के लिए ज़रूर चर्चा का विषय बना हुआ था की शायद विपक्ष का सब से बड़ा चेहरा ममता बनर्जी बन के उभरेगी और मोदी को 2024 लोकसभा में चुनौती देते नज़र आयेगी मगर समय और राजनीतिक परस्थियों के साथ ममता बनर्जी का नाम भी अब गायब होते नज़र आ रहा है
वही दूसरी तरफ ऐसे तमाम नेता है जो विपक्षी एकता के नाम पार अपने आप को प्रबल दावेदार बनाने की कोशिश में अंदुरूनी तोर खिचड़ी पका रहे है अब तो समय ही बताएगा किसी की खिचड़ी कितनी पकेगी और किसका राजनीति में मोदी और शाह के आगे डाक गलेगी
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क्या केंद्र एजेंसियां खासकर सीबीआई और ईडी मोदी सरकार के इशारे पर काम कर रही है!
केंद्र एजेंसियों की सक्रियता उन तमाम नेताओं के खिलाफ बढ़ती हुए नजर आई हैं पिछले कुछ दिनों में नेताओं के घरों में छापेमारी और उनकी आवाज को दबाने की भरपुर कोशिश की गई ऐसे में एजेंसियों की पारदर्शिता और सरकार की रवैया पर सवाल उठना लाज़मी है

लोकसभा चुनाव में क्या होगा उत्तर प्रदेश का राजनीतिक समीकरण
प्रदेश में जातीय समीकरण और अन्य तमाम छोटी-बड़ी पार्टियों को सक्रियता से आने वाला 2024 लोकसभा चुनाव को लेकर कोई भी दावा करना फिलहाल बहुत जल्दबाजी हो सकता है मगर लोकतंत्र खूबसूरती और सच्चाई यही है की इसमें जनता सर्वोपरि है जब जिसको चाहेगी नेतृत्व का बाग उसकी हाथ में होगी

खोती हुई जनाधार को देखते हुए एक बार फिर से नए सिरे से बहुजन समाज पार्टी को विस्तार देने में लगी है
मायावती जैसे कद्दावर नेताओं की राजनीतिक उदासीनता, परदेश में दलितों एवं महा–दलितों के खिलाफ़ बढ़ती हुई हिंसा, बलात्कार जैसे मुद्दों पर मायावती की चुप्पी बूथ स्तर पर पार्टी का लगातार कमज़ोर होना अलग-अलग चुनाव में पार्टी के असफलता का मुख्य कारण हैं

मोदी को कितने चुनौती देंगे विपक्ष!
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भारतीय राजनीति में नया अध्याय लिख रहे राहुल, भारत जोड़ो यात्रा से राहुल का नया अवतार!
ऐसे तमाम विरोधियों का मुंह अब बंद हो चुका है ख़ुद रोज़ राहुल गांधी 25km की यात्रा करने के साथ साथ प्रेस कॉन्फ्रेंस और सभाओं को संबोधन कर रहे है मीडिया के सभी सवालों का मुखड़ हो कर जवाब भी दे रहे है वहीं यात्रा में जोड़े भीड़ और लोगों के उत्सा को देखते हुए मीडिया में ख़ास चर्चा का विषय बना हुआ है ज
